शिव को सोमसुन्दर कहा जाता है। उन्हें मदहोशी की स्थिति से क्यों जोड़ा जाता है? आध्यात्मिक साधना में ऐसी मदहोशी का क्या महत्व है? कैसा पैदा होती है ये मदहोशी? जानते हैं सद्गुरु से।
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[00:00:00] शिव को जिन अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है, उनमें से सोम एक महत्वपून नाम है, सोम शब्द का मतलब है मधोशी
[00:00:17] अगर मधोशी नहीं होगी, तो आप कभी भी परम शून्य में कूदने के लिए दीवाने नहीं होगे, जोकी मुक्ति का एक मात्र रास्ता है
[00:00:31] इसलिए सोम या सोम सुन्दर शिव के सबसे प्रमुक नामों में से एक हैं
[00:00:40] हमेशा मधोश, मगर पूरी तरह सजग
[00:00:47] तो कहानी इस तरह शिव कैलाश के पास पूरी मधोशी की हालत में बैठे थे
[00:01:04] पूरे भारत में खबर फैल गई, कि वहाँ एक आदमी बैठा हुआ है
[00:01:15] लोगों ने वहाँ की यात्रा करनी शुरू कर दी, एक लड़की थी जो हिमालाय राज्जी की राजकुमारी थी
[00:01:23] उसका नाम था पारवती
[00:01:28] जब उसने ये सुना, वो बोली मैं जाकर उन्हें देखना चाती
[00:01:33] उसने जैसे ही उन्हें देखा, वो उनसे पूरी तरह अभी भूत हो गई
[00:01:40] वो बोली, मैं शादी करूंगी तो सिर्फ इसी आदमी से
[00:01:45] फिर किसी और ने साजिश रची
[00:01:49] और वो विबाह के लिए तयार हो गई
[00:01:54] एक भवेश शादी आयोजित की गई
[00:01:56] सारे महत्वपून लोग वहां मौजूद थे
[00:02:00] दुलहं सजी समरी बैठी थी
[00:02:03] हर कोई दूलहे का इंतजार कर रहा था
[00:02:05] और फिर दूलहा आया
[00:02:08] शेवंदराय, पूरे शरीर पर राक
[00:02:11] बालों में जटाएं, पूरी तरह मधोष
[00:02:16] और उनके मित्र, भूत, पिशाच
[00:02:20] और टेड़े मेड़े प्राणी
[00:02:21] तरह तरह की आवाजें निकाल रहे थे
[00:02:24] पारवती की मा मीना ने इस आदमी
[00:02:26] और उसके दोस्तों को देखा
[00:02:27] और जब उन्होंने सोचा कि उनकी बेटी
[00:02:30] इस आदमी से शादी करने जा रही है
[00:02:32] तो वो बेहोश होकर गिर पड़ी
[00:02:35] उन्हें होश में लाए गया
[00:02:37] वो पूरी तरह टूट चुकी थी
[00:02:39] मैं अपनी बेटी को इस आदमी को कैसे सौप दूँ
[00:02:42] ये जंगली है और बिलकुल असब भी है
[00:02:45] ये आदमी भी नहीं है
[00:02:47] ये कुछ और है
[00:02:48] फिर पारवती ने जाकर
[00:02:50] शिव से विंती की
[00:02:55] मेरे लिए आपका हर रूप ठीक है
[00:02:57] आप किसी वज़े से इस भायंकर रूप में आए है
[00:02:59] मेरे लिए ये भी ठीक है
[00:03:01] पर मेरी मा के लिए
[00:03:03] एक अच्छा रूप धारण कर लीजी
[00:03:06] उन्होंने का ठीक है
[00:03:07] और बहुत सुंदर और भव्वे रूप धारण कर लिया
[00:03:10] उस रूप को सोम सुंदर कहा गया
[00:03:14] मधोश मगर सुंदर
[00:03:15] वो पूरी तरह नशे में धुथे
[00:03:18] आँखे चड़ी हुई थी
[00:03:19] मगर वो बहुत खूपसूरत बन गये
[00:03:21] फिर मीना होश में आई
[00:03:23] और वहां खड़े शानदार शक्स को देखा
[00:03:26] और बोली
[00:03:26] मैं अपनी बेटी का हाथ इस व्यक्ति को सौंपना चाहूँगी
[00:03:30] उसे नहीं
[00:03:38] मधोशी ध्यान-मग्न होने का एक महत्वपून गुण है
[00:03:42] अगर ये नहीं होगा
[00:03:43] अगर आप मधोश नहीं होगे
[00:03:46] तो आप सहज होकर कैसे बैठेंगे
[00:03:48] ये भयंकर परिशानी होगी
[00:03:50] सिर्फ इस तरह बैठे हुए
[00:03:52] किसी चीज पर ध्यान के इंद्रित करने की कोशिश
[00:03:55] इसलिए ये शिव का मूल गुण है
[00:03:57] तो उनके सिर पर चंद्रमा है
[00:03:58] जो इस बात का प्रतीक है
[00:04:00] कि वो हमेशा खुदी मध्होश होते हैं
[00:04:02] किसी पदार्थ से नहीं
[00:04:03] शिव के
[00:04:06] लगातार सोमरस पीने का मतलब है
[00:04:09] वो शराबी नहीं थे
[00:04:10] वो बस उस चांदमी को पीते रहتे थे
[00:04:13] जिसे वो हमेशा अपने बालों पर रखते थे
[00:04:16] और
[00:04:16] लगातार मध्होश रहते थे
[00:04:19] This is an anandit sthity,
[00:04:21] which is not a good thing.
[00:04:24] This is an anandit sthity,
[00:04:26] which is a good thing.
[00:04:30] When the fear of my life is not a good thing,
[00:04:33] when the fear of my life is a good thing,
[00:04:38] when you have a good thing,
[00:04:42] you will be able to save your life.
[00:04:45] If you want to save your life,
[00:04:46] it will be a good thing.
[00:05:13] All of this is the same.


