सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बहुत बड़ा फैसला सुनाते हुए 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार के Noteban के फैसले को सही ठहराया है. सबसे बड़ी बात यहां जो सामने आयी है वह यह है कि... यह फैसला पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से नहीं सुनाया. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला केंद्र सरकार के लिए राहत भरी बात कही जा रही है दूसरी ओर विपक्ष Justice B. V. Nagarathna के विचारों को जोर-शोर से हाईलाइट कर रही है और कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक कह दिया है कि, अदालत के 5 वाली पीठ में सिर्फ जस्टिस बी वी नागरत्न द्वारा केंद्र के फैसले पर असहमति जताना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे मशहूर असहमतियों में गिना जाएगा.
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