मेन्टल इलनेस और डिप्रेशन ऐसे अदृश्य दुश्मन हैं जिनके बारे में हम उतनी बात नहीं करते जितनी करनी चाहिए. अपने आसपास जान-पहचान वालों की भीड़ के बीच भी क्यों आखिर कोई अकेला पड़ जाता है, क्यों उसके साथ बात करने के लिए कोई नहीं होता. आज इस पॉडकास्ट में हम सुशांत सिंह राजपूत को याद करेंगे, और बात करेंगे कि कैसे एक दूसरे से बात करके हम एक दुसरे के ज़ख्मो पर फाय की तरह काम कर सकते हैं. और साथ ही जानेंगे कि मीडिया ऐसे में क्या किरदार निभा सकता है.
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