बीबीसी के रिपोर्ट के अनुसार मेदवेदेव ने इस्तीफा देने के बाद ये कहा कि 'ये बदलाव जब लागू हो जाएंगे तो न सिर्फ़ संविधान के सभी अनुच्छेद बदल जाएंगे बल्कि सत्ता संतुलन और ताक़त में भी बदलाव आएगा. एक्जीक्यूटिव की ताक़त, विधानमंडल की ताक़त, न्यायपालिका की ताक़त, सब में बदलाव होगा. इसलिए मौजूदा सरकार ने इस्तीफ़ा दिया है.''
जिस बड़े बदलाव की ओर पुतिन ने इशारा किया वह है स्टेट काउंसिल को संविधान के तहत सरकारी एजेंसी के तौर पर मान्यता देना. रूस में इस रेफेरेंडम के पास होने से पुतिन को और किस तरह पावर मिल सकती हैं इसी पर सुनिए आज का बिग स्टोरी पॉडकास्ट.
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices


