#232 - क्या गुरुओं को बिज़नेस करना चाहिए

#232 - क्या गुरुओं को बिज़नेस करना चाहिए

सद्‌गुरु नालसार विश्वविद्यालय के एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए बता रहे हैं, कि क्यों कुछ गुरु व्यवसाय और सांसारिक मामलों में खुद को शामिल करते हैं। सद्गुरु स्पष्ट करते हैं कि वास्तव में आध्यात्मिकता का अर्थ क्या है। Conscious Planet: https://www.consciousplanet.org Sadhguru App (Download): https://onelink.to/sadhguru__app Official Sadhguru Website: https://isha.sadhguru.org Sadhguru Exclusive: https://sadhguru.co/exclusive-pd Inner engineering Online: isha.co/ieo-podcast Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

सद्‌गुरु नालसार विश्वविद्यालय के एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए बता रहे हैं, कि क्यों कुछ गुरु व्यवसाय और सांसारिक मामलों में खुद को शामिल करते हैं। सद्गुरु स्पष्ट करते हैं कि वास्तव में आध्यात्मिकता का अर्थ क्या है।

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[00:00:00] यह एक सवाल है, जो हमें भीजा गया था, और इस सवाल का संदर्भ, जैसा कि मैं समझ रहा हूँ, कि पहले गुरूओं या दिवे दर्शियों की हमारी समझ ऐसे लोगों की थी, जो ध्यान करते थे, और जंगलों में तपस्या करते थे, जो जुडाव नहीं रखते थे, मेरा

[00:00:28] जुडाव योगी खाने पीने की चीजें और साबून के उत्पादन में चले गए हैं, तो यह सवाल यह है कि, क्या एक अच्छा चलन है कि वे लोग, जिने आप वैसे उस तरह के लोगों के रूप में जानते थे, जो भौतिक सुखों से रहित, या भौतिक सुखों से दू

[00:00:47] या कारोबार से दूर हैं, अब असल में उनकी तरफ मुड रहे हैं।

[00:01:20] वो एक regular driver है, वो सामने वाली गाड़ी के पीछे-पीछे चलता है, और देर हो रही थी, मेरी ये reputation रही है कि, इन 37 सालों में, मैं अपने जीवन में किसी भी कारेक्रम के लिए देर से नहीं पहुँचा हूँ।

[00:01:36] हाला कि, एक दिन में शायद मेरे 3-4-5 कारेक्रम हो, फिर भी मैं किसी में देर से नहीं पहुचा, तो मैं वहाँ पहुचना चाहता हूँ।

[00:01:48] ये शक्स traffic में अपनी ही रफ़तार से चल रहा था।

[00:01:51] फिर मैंने steering समाली और मैंने थोड़ी force driving करके, किसी तरह ठीक समय पर पहुचा।

[00:01:56] होटल में security gate, आप जानते हैं इन दिनों वो आपको रोकते हैं, आपका bonnet खोलते हैं, engine और boot चेक करते हैं।

[00:02:02] तो मेरे सामने वाली कार गई और gate खुला, मैं सीधा अंदर घुजगया, वो चिला रहे थे।

[00:02:07] मैं potico में आया, रुका, कार वही छोड़ी और भाग कर conference में पहुचा।

[00:02:11] वहाँ कोई पत्रकार खड़ा था।

[00:02:13] जब मैं अपना काम खत्म करके वापस आया, वो बोले, पुराने समय में योगी पैदल चलते थे।

[00:02:22] आप खुद अपनी कार चलाते हैं, आप किस तरह के योगी हैं।

[00:02:25] फिर मैंने कहा, मूर्क, पुराने समय में हर कोई पैदल चलता था।

[00:02:30] फिर योगी नहीं।

[00:02:36] तो योगी समय के साथ चलते हैं।

[00:02:40] वो हमेशा contemporary याने अपने समय के अनुसार थे।

[00:02:45] समस्या ये है कि एक योगी के बारे में ज्यादतर लोगों की धारना शिवकाशी कैलेंडर है।

[00:02:51] जिसमें एक आदमी एक पेड़ के नीचे एक कबजियत वाला चहरा बनाए बैठा है।

[00:02:56] वो एक कैलेंडर आठ है, वो योग नहीं है, ठीक है।

[00:03:00] पहले के योगी, किसी को भी देख लीजिए।

[00:03:04] अगर आप कृष्ण को योगी मानते हैं, तो वो हर समय राजाओं के साथ काम कर रहे थे, क्योंकि वो राजनीतिक व्यवस्था को रूपांतरित करना चाहते थे।

[00:03:34] पाइदा नहीं होगा, देश नहीं बदलेगा।