दुखों से मुक्ति का एकमात्र उपाय

दुखों से मुक्ति का एकमात्र उपाय

सुखी रहने की इच्छा हर मनुष्य का स्वभाव है। किसी भी जीव को जीवन में पीड़ा पसंद नहीं है। सभी सुखी रहना चाहते है पर सुखी रह नहीं पाते। कभी किसी वस्तु में, कभी किसी व्यक्ति में तो कभी किसी परिस्थिति में ये मन जाकर अटक जाता है और यही मन हमें दुःख की अनुभूति करवाता है। पाँचों इन्द्रियों से जुड़ी जितनी भी इच्छाएँ है उनका संबंध कल से है जो कभी नहीं आता। व्यक्ति, वस्तु और परिस्थिति पर निर्भर होना कैसे छोड़े और मन से इस दुःख को हमेशा के लिए कैसे मिटाएँ जानने के लिए इस पॉडकास्ट को अंत तक सुनें । Learn more about your ad choices. Visit podcastchoices.com/adchoices Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
सुखी रहने की इच्छा हर मनुष्य का स्वभाव है। किसी भी जीव को जीवन में पीड़ा पसंद नहीं है। सभी सुखी रहना चाहते है पर सुखी रह नहीं पाते। कभी किसी वस्तु में, कभी किसी व्यक्ति में तो कभी किसी परिस्थिति में ये मन जाकर अटक जाता है और यही मन हमें दुःख की अनुभूति करवाता है। पाँचों इन्द्रियों से जुड़ी जितनी भी इच्छाएँ है उनका संबंध कल से है जो कभी नहीं आता। व्यक्ति, वस्तु और परिस्थिति पर निर्भर होना कैसे छोड़े और मन से इस दुःख को हमेशा के लिए कैसे मिटाएँ जानने के लिए इस पॉडकास्ट को अंत तक सुनें ।
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