Janmeyjay nag yagya (जनमेजय नागयज्ञ)Part-1

Janmeyjay nag yagya (जनमेजय नागयज्ञ)Part-1

महाभारत, कौरवों और पाण्डवों के बीच लड़ी गई अनोखी गाथा। लेकिन पाण्डवों के बाद कुरु वंश का क्या हुआ? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसके प्रति बहुत लोगों की रुचि होगी। अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था और अभिमन्यु का पुत्र परिक्षित हुआ। परिक्षित के चार पुत्र हुए - जनमेजय, श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन। शमीक ऋषि के साथ हुए वृत्तान्त के कारण उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने परिक्षित को शाप दे दिया जिसके पश्चात तक्षक के दंश से परिक्षित की मृत्यु हो गई। इस कथा के विषय में जब जनमेजय को भान हुआ तो उन्होंने नागयज्ञ करने का मन बनाया जिसमें सभी नागों की आहुति दी जानी थी। नागों की यह दशा उन्हीं की माता के शाप के कारण होने वाली थी। हम महाभारत की जिस कथा को जानते हैं, यह कथा वैशम्पायन ऋषि ने जनमेजय के नागयज्ञ के दौरान ही सभी उपस्थित लोगों को सुनाई थी। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

महाभारत, कौरवों और पाण्डवों के बीच लड़ी गई अनोखी गाथा। लेकिन पाण्डवों के बाद कुरु वंश का क्या हुआ? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसके प्रति बहुत लोगों की रुचि होगी। अर्जुन के पुत्र का नाम अभिमन्यु था और अभिमन्यु का पुत्र परिक्षित हुआ। परिक्षित के चार पुत्र हुए - जनमेजय, श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन। शमीक ऋषि के साथ हुए वृत्तान्त के कारण उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने परिक्षित को शाप दे दिया जिसके पश्चात तक्षक के दंश से परिक्षित की मृत्यु हो गई। इस कथा के विषय में जब जनमेजय को भान हुआ तो उन्होंने नागयज्ञ करने का मन बनाया जिसमें सभी नागों की आहुति दी जानी थी। नागों की यह दशा उन्हीं की माता के शाप के कारण होने वाली थी। हम महाभारत की जिस कथा को जानते हैं, यह कथा वैशम्पायन ऋषि ने जनमेजय के नागयज्ञ के दौरान ही सभी उपस्थित लोगों को सुनाई थी।

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