निर्भया रेप केस लॉ का एक ऐसा केस बन गया है, जो किसी भी लीगल आब्जर्वर के लिए स्टडी का विषय बन सकता है. फांसी की तीन तारीख तय होने के बावजूद दोषियों के पास कोई न कोई विकल्प मौजूद होता था खुद को बचाने का. तो उन्हें वो मौका दिया जाता था. निर्भया के चौथे दोषी पवन गुप्ता ने अपनी मर्सी पेटिशन 2 मार्च को दायर की थी, वो याचिका भी राष्ट्रपति ने खारिज कर दी तभी 20 मार्च की तारिख फांसी देने के लिए तय की गई. ये केस जो पिछले सात सालों से कानूनी दाव पेंचों में फंसा हुआ था, वो 20 मार्च को इन चारों की फांसी के साथ शायद खत्म हो जाए.
सवाल ये है कि क्या निर्भया के दोषियों के पास अभी भी कोई लीगल ऑप्शन है खुद को बचाने का? या फांसी तय है? इसी पर आज बात करेंगे बिग स्टोरी पॉडकास्ट में.
एडिटर: संतोष कुमार
साउंड डिज़ाइन, प्रोड्यूसर और होस्ट: फबेहा सय्यद
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