एक अलग पहचान और कमाल का अभिनय, कुछ ऐसा था इरफान का सफर
Big Story HindiApril 29, 202000:09:43

एक अलग पहचान और कमाल का अभिनय, कुछ ऐसा था इरफान का सफर

कभी सोचा भी नहीं था कि इरफ़ान खान के बारे में इस तरह की खबर आपको पॉडकास्ट में दी जायगी. हिंदी सिनेमा ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता इरफ़ान खान का मुंबई में 29 अप्रैल की सुबह निधन हो गया. उन्हें दो दिन पहले ही मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मंगलवार रात तक उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा था, लेकिन 29 अप्रैल की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और करीब 12 बजे खबर आई कि देश का एक नायाब एक्टर अब इस दुनिया में नहीं रहा. करीब 2 साल पहले न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का पता लगने के बाद से इरफान लगातार बीमार चल रहे थे और इसी के चलते उन्हें मेडिकल अटेंशन में रखा गया था. इरफान करीब एक साल तक लंदन में इलाज कराने के बाद पिछले साल देश लौट आए थे. लॉकडाउन के चलते इरफान के करोड़ों फैंस और फिल्मी जगत के उनके दोस्त अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए. उनके जनाजे में करीब 20 लोगों को शामिल होने की इजाजत दी गई थी. इसीलिए इंतेक़ाल के कुछ ही घंटों के बाद दोपहर 3 बजे के करीब उनके बेहद करीबी दोस्त और रिश्तेदारों ही की मौजूदगी में मुंबई के वरसोवा कब्रिस्तान में इरफान खान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. आज की बिग स्टोरी में इरफ़ान खान का फ़िल्मी सफर याद करेंगे और जानेगे अभनेत्री निमृत कौर से कि इरफ़ान ने 'लंच बॉक्स' के कान प्रीमियर में ऐसा क्या कहा था जो निमृत को हमेशा याद रहेगा. Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
कभी सोचा भी नहीं था कि इरफ़ान खान के बारे में इस तरह की खबर आपको पॉडकास्ट में दी जायगी.

हिंदी सिनेमा ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता इरफ़ान खान का मुंबई में 29 अप्रैल की सुबह निधन हो गया. उन्हें दो दिन पहले ही मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मंगलवार रात तक उनकी सेहत में सुधार बताया जा रहा था, लेकिन 29 अप्रैल की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और करीब 12 बजे खबर आई कि देश का एक नायाब एक्टर अब इस दुनिया में नहीं रहा. करीब 2 साल पहले न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का पता लगने के बाद से इरफान लगातार बीमार चल रहे थे और इसी के चलते उन्हें मेडिकल अटेंशन में रखा गया था. इरफान करीब एक साल तक लंदन में इलाज कराने के बाद पिछले साल देश लौट आए थे.
लॉकडाउन के चलते इरफान के करोड़ों फैंस और फिल्मी जगत के उनके दोस्त अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए. उनके जनाजे में करीब 20 लोगों को शामिल होने की इजाजत दी गई थी. इसीलिए इंतेक़ाल के कुछ ही घंटों के बाद दोपहर 3 बजे के करीब उनके बेहद करीबी दोस्त और रिश्तेदारों ही की मौजूदगी में मुंबई के वरसोवा कब्रिस्तान में इरफान खान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया.
आज की बिग स्टोरी में इरफ़ान खान का फ़िल्मी सफर याद करेंगे और जानेगे अभनेत्री निमृत कौर से कि इरफ़ान ने 'लंच बॉक्स' के कान प्रीमियर में ऐसा क्या कहा था जो निमृत को हमेशा याद रहेगा.

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