Khud-Mukhtaar: What Does It Really Mean to Be Independent?
UrdunamaAugust 15, 202600:12:26

Khud-Mukhtaar: What Does It Really Mean to Be Independent?

What does it mean to be khud-mukhtaar? In this Independence Day episode of Urdunama, Fabeha Syed looks at the Urdu word for being independent, self-governing and able to make your own choices. But khud-mukhtaari is not simply about doing what you want. It also means living with the consequences of your choices. Through the poetry of Allama Iqbal, Munawwar Rana, and others, this episode explores ideas of freedom, choice, selfhood and responsibility, and what it really means to have ikhtiyar over your own life. Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

What does it mean to be khud-mukhtaar? In this Independence Day episode of Urdunama, Fabeha Syed looks at the Urdu word for being independent, self-governing and able to make your own choices. But khud-mukhtaari is not simply about doing what you want. It also means living with the consequences of your choices. Through the poetry of Allama Iqbal, Munawwar Rana, and others, this episode explores ideas of freedom, choice, selfhood and responsibility, and what it really means to have ikhtiyar over your own life.

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[00:00:04] 15 August, Tiaw, Me, A-Zadie, Kee, Luck, Luck, Vada, Iain, Hoon वही, मैंने तो Tri-Color, चूडियां पहन के Tri-Color, बिर्यानी पकाबिली, खाबिली, बाटबिली, थोड़ी सी बजबी गई है, तो आपका हैं तो पैक कराके भेज दें Freedom, आजादी, इनसान की बुनियादी जरूरतों में से हैं, जो अगर ना मिले तो इनसान जहनी मरीज बन जाता है

[00:00:33] Freedom के आज हम बात करेंगे, लेकिन बहुत ही personal level पे बात करेंगे कि जब Freedom को हम internalize नहीं कर पाते हैं, क्योंकि externally हमको वो मैसर नहीं हो पाता है, तो बहुत सारी खराबियां उसमें पैदा हो जाती हैं तो यह जो आजादी है, इसको अकसर हम autonomy समझते हैं, the idea that I should be free to make my own choices and there's nothing wrong with that लेकिन problem तब हो जाती है, जब autonomy को थोड़ा extreme ले जाते हैं, nobody tells me what to do, nobody gets to stop me, I answer to no one

[00:01:03] जैसे freedom का मतलब है, no rules, no restrictions, no accountability, ऐसा नहीं है Interestingly, खुद मुखतार ही जो आज का हमारा vote है, इसका मतलब freedom का ही है, लेकिन थोड़ी सी different freedom है ये Because the moment you become خुद मुखतार, your accountability actually increases, अगर फैसला कोई और कर रहा है, तो जिम्मेदारी भी कुछ हद तक उसकी है लेकिन जब आप कहते हैं, ये फैसला मेरा है, then you also have to say, और इसकी consequences की जिम्मेदारी भी मेरी है

[00:01:32] So, खुद मुखतारी is not, I answer to no one, it means, I answer for my own choices खुद मुखतारी is not freedom from responsibility, it is freedom with responsibility The coin पर शुरू हो गया है, उर्दु नामा, मेरा नाम है फबिह सेयद खुद मुखतार की आज हम बात कर रही हैं, इस लफ्स को अगर आप तोडेंगे, तो दो हिससे मिलेंगे

[00:02:02] खुद एक है मुखतार, खुद यानी self, अपना आपा, और मुखतार जिसका तालुक है इख्तियार से, जो इख्तियार से बना है इसका मतलब होता है choice, authority, the power to decide तो खुद मुखतार क्या हुआ? जिसका इख्तियार खुद उसके पास हो someone who can make their own decisions, determine their own direction

[00:02:25] तो सोचे जब आप parents के साथ रहते हैं, सारे financial decisions काफी हद तक उन्ही के होते हैं फिर आप financially independent हो जाते हैं, अपना पैसा, अपने decisions बहुत ही, मतलब बड़िया सी picture लग रहे हैं ना, sounds like freedom लेकिन अब rent भी आपका ही है, bills भी आपके हैं, गलट decisions का जो नुखसान है वो भी आपका है यानि जितना इख्तियार बढ़ता है, उतनी ही जिम्मेदारी भी

[00:02:54] and खुद मुखतारी exactly इसी को कहते हैं अगर उर्दू अदब में अपने आप पर, इख्तियार पर, selfhood की हम बात करें तो खुदी का concept सामने आता है और इस concept के universal brand ambassador बे ताज बात्शा कौन है? Allama Iqbal Iqbal की खुदी को हम अकसर सिर्फ confidence या believe in yourself के sense में समझ लेते हैं

[00:03:21] लेकिन उनके लिए खुदी is much bigger than that It's about developing a strong sense of self, अपनी पहचान को समझना, अपनी capabilities को develop करना, अपने higher potential तक पहुँचना और अपनी जिंदगी को खुद शेप करना ये है इकबाल की खुदी का concept और जो उनका iconic share है जो आपको याद हो चुका है मैंने इतनी बार आपको रटवाया है अपने shows पर कि खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले

[00:03:53] खुदाबंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है यहां खुदी को बुलंद करना सिर्फ खुद को important समझना नहीं It's about developing yourself to a point where you have the strength, capabilities, discipline and self-awareness to exercise your own अख्तियार और यहीं खुदी और खुद मुख्तारी एक दूसरे से आकर मिल जाते हैं एक में आप अपने आप को build कर रहे होते हैं

[00:04:20] दूसरे में उस built-up self के पास अपने फैसले करने का इख्तियार देख रहे होते हैं लेकिन अख्बाल के अलावा अर्दू शायरी में खुद मुख्तारी का जो मतलब है वो सिर्फ be your own boss तक limited नहीं है इसके बहुत सारी context हैं, बहुत सारी माने हैं कभी यह अजादी है, अफकोस, कभी जिद है, कभी self-respect है कभी अपनी मर्जी से जीने की खुआहिश है

[00:04:45] और कभी दूसरों के सामने जुकने से इंकार करने का भी नाम है खुद मुख्तारी तो आज देखते हैं, शायरी में खुद मुख्तार होने की चीज़ें कैसे नजर आती हैं शुरुआत करते हैं मुनवर राना के शेयर के साथ, लिखते हैं कि महबट एक ना एक दिन ये हुनर तुमको सिखा देगी

[00:05:13] बगावत पर उतरना और खुद मुख्तार हो जाना शायर यहां कहता है कि महबट और यहां महबट जो है सिर्फ किसी इनसान से ही नहीं, किसी खुआप, किसी मकसद या मन्जल से भी हो सकती है शायर कहता है कि महबट आखिरकार आपको दो चीज़े सिखा देती है, बगावत और खुदमुख्तारी कैसे? वो ऐसे कि जब आप किसी चीज की चाहत सच में गहरी रखते हैं अपने दिल में, तो फिर हर चीज में कॉम्प्रोमाइस करते रहना मुश्किल हो जाता है

[00:05:38] आपको अपने डिरेक्शन खुद चूस करनी पड़ती है और कभी-कभी उस डिरेक्शन के लिए बगावत भी करनी पड़ती है बड़े खुआब अकसर परफेक्टली बालेंस लाइफ से नहीं मिलते हैं, यह याद रख लीजे कभी भी कोई बड़ी चीज अगर आपको हासिल करनी है उसमें वो बिल्कुल टेक्ट्बुक वाला परफेक्शन बालेंस नहीं स्ट्राइक कर सकते हैं कि वर्क-लाइफ बालेंस ऐसा होगा तो फिर सब कुछ बढ़िया होगा, नहीं ऐसा नहीं होता है

[00:06:03] अगर वर्क आपका � pulkul भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है तो वर्क में थोड़ा सा आपको पित्ता मार के काम करना पड़ेगゃ पित्ता मार के काम करने का मतलब यह है कि बगाइर किसी distraction के multiple single focus के साथ उस पर आपको काम करते में पड़ेगा उसी तरह अगर आपको अपनी life यानि personal life में कुछ अच्छा नहीं हो रहा है तो आपको वहाँ focus अपना करना पड़ेगा जो चीज अच्छा perform नहीं कर रहे है उसे neglect नहीं करना पड़ेगा

[00:06:29] After all, grass is always greener where you water it कोई चीज अगर आप बहुत शिद्दत से चाहा रहे हैं तो आपको ordinary expectations को side पर रखना पड़ेगा risk लेना पड़ेगा और अपनी मर्जी का रास्ता फिर choose करना पड़ेगा तो मुनवर राना के लिए महबत सिर्फ किसी को चाहना नहीं है महबत में एक ऐसे intensity है जो आपको compromise से निकाल कर खुद मुखतारी की तरफ ले जा सकती है

[00:06:59] तो अपने खुआप के लिए, अपनी मन्जिल के लिए, अपनी choices के लिए खुद मुखतार बनना पड़ेगा अब मुनवर राना के शेर में महबत आपको खुद मुखतारी सिखाती है लेकिन इमाम बख्ष नासिख का जो ये शेर है यहाँ पिक्चर थोड़ी उलट जाती है यहाँ खुद मुखतारी और मजबूरी एक साथ आ जाती है लिखते हैं दिल बना आशिकी में खुद मुखतार और मजबूर कर दिया हमको

[00:07:28] यानि दिल अपने मामले में खुद मुखतार है महबत किस से करनी है किस तरह उने रुजहाना है कैसे उनको यकीन दिलाना है यह एक्तियार उसके पास है दिल के पास है दिल केंडिसाइड लेकिन जिससे महबत हो गई है उसके सामने वही दिल मजबूर है जो सर अकड के चलता है बाकियों के सामने एक शख्स के सामने वो सर छुक जाता है मुझे लगता है यहां खुद मुखतारी का एक और बहुती interesting पहलो सामने आता है

[00:07:57] आप अपनी मर्जी से किसी को भी चूस कर सकते हैं लेकिन चॉइस कर लेने के बाद उस रिष्टे के तकाजों के सामने आप सर जुका लेते हैं आप accountable बन जाते हैं share तो खैर किसी महभूब की तस्वीर खीचता है लेकिन इसका जो interpretation है वो आप ऐसे भी समझ सकते हैं जैसे आप अपनी मर्जी से कोई business शुरू कर रहे हैं आप खुद मुखतार हैं वई कोई आपको force नहीं कर रहा है लेकिन एक बार वो business आपने शुरू कर दिया

[00:08:26] तो उसकी demands के सामने आप मजबूर हो जाते हैं उसके लिए वक्त आपको देना ही देना पड़ता है decisions लेने ही लेने पड़ते हैं responsibility हर तरह की आपको उठानी पड़ती है so you choose it and then you keep showing up for that तो खुद मुखतारी का मतलब यही है अपनी मर्जी से चूज करना और फिर अपनी choice के तकाजों challenges और demands से भागना नहीं दिल बना आशकी में खुद मुखतार और मजबूर कर दिया हमको

[00:08:59] अब हबीब तन्वीर का आप ये शेर सुनिए हाँ ये सच है सर बसर खोए गए हैं अकल और होश हाँ ये सच है सर बसर खोए गए हैं अकल और होश दिल में धड़कन हैं अभी दिल तो है खुद मुखतार अभी शायर मान रहा है के अकल और होश reason, judgment ये सब जैसे के कहीं खो गया है लेकिन दिल अभी धड़क रहा है और वही दिल खुद मुखतार है

[00:09:29] यहाँ खुद मुखतारी का मतलब control से ज्यादा direction है self control से ज्यादा direction है आप शायद यह explain न कर सकें कि आपको किस चीज की तरफ जाना है क्यों जाना है एक line में समझें तो मतलब यह है कि अगर आप बहुत ही ज्यादा हताश हो जाते हैं setbacks पे setbacks आपको ऐसे पढते हैं कि आपकी back टूट जाती है तो वो जो एक ray of hope होती है that is the khud mukhtari of your heart the desire of your heart जो कहते हैं नहीं I'm not going to sit

[00:09:59] मैं हार नहीं मानूंगा मैं चलता रहूंगा तो वो वाली बात यहाँ पे शायर कहता है हाँ यह सच है सर बसर खोई गए है अक्लो होश दिल में धरकन है अभी दिल तो है खुद मुखतार अभी so maybe you've lost your way intellectually but you're not completely directionless there's still something inside you telling you what matters what you want what you cannot give up on अक्लो होश बेशक चले गए है कोई logic समझ नहीं आ रहे उस ख़वाप के सच होने की

[00:10:27] लेकिन दिल अभी खुद मुखतार है because the heart still has a will of its own and where there is a will there is a will अब आपको सुनाते हैं एहमद हुसेन माईल का ये शेर जलसे ही जलसे हैं जबसे वो हुए खुद मुखतार कोई इतना नहीं कहता के ये क्या करते हैं शायर खुद मुखतारी के बात का एक बहुती इंटरिस्टिंग सीन यहां पे पेंट कर रहा है हर तरफ जलसे ही जलसे हैं

[00:10:57] मीटिंग्स, गैदरिंग्स, पीचेज्स लेकिन हैरत के बात यह है कि आप कोई पूछ नहीं रहा कि जनाब आप कर क्या रहे हैं मुझे लगता है इसी में शेर का जो असल मज़ा है छुपा हुआ है कि खुद मुखतार होने का मतलब यह नहीं कि अब कोई सवाल नहीं करेगा इनफाक्ट जितना ज्यादा अख्तियार आता है उतनी ही ज्यादा जवाब देही भी बढ़ जाती है अपनी चॉइस खुद करना और अपनी चॉइस दूसरों पर मुसल्लत कर देना दोनों में फर्क है वरना खुद मुखतारी का मतलब बस

[00:11:25] जो मैं चाहता हूँ वो करूँगा और दूसरों से भी वो ही करवाऊंगा होके रह जाएगा तो यह जो शेर है हलका सा ताना है कि खुद मुखतार तो हो गए लेकिन कोई पूछने वाला भी नहीं रहा कि जनाब वोट एक्जाक्ली आरी हो अप टू तो खुद मुखतारी का मतलब बस इतना ही है अपनी मर्जी से फैसला करना और फिर यह देखना कि उस फैसले के साथ क्या आता है और जो भी आता है उस पर डटे रहना इसी नोट पर आज के लिए इतना ही I'm going to have another serving of my biryani मैं biryani बहुत amazing बनाती हूँ

[00:11:54] दो तरह के आती है तो दिल्ली वाली जो यखनी based होती है और एक हैदरबादी वाली जो के masala based होती है पस एक चीज़ याद रखिएगा मसाले वाली बिर्यानी जो बनती है सालन बना के उसमें तली हुई प्यास बड़ी important होती है जो के मिठास लेकर आती है और इस मिठास को balance करने के लिए हरी मिठ जरूर डालिए खूब डालिए भर-भर के डालिए नई, तीखा नहीं होता है एक अच्छा सा balance आजाता है pro tip है याद रखेगा अगले हफते मिरती हूँ खुदाफिस