Mumbai is halfway through June and still waiting for the monsoon. Every few days the forecast promises rain, and every few days the clouds seem to change their mind. So, it feels like an act of 'daghaa'
Often translated as betrayal, 'dagha' is more than just being deceived. It is the hurt that comes when trust is broken. Through the poetry of Shakeel Badayuni and Qateel Shifai, we explore friendship, loyalty, disappointment and the peculiar ways human beings let one another down. What makes betrayal hurt? Why does a friend's failure feel different from a stranger's? And can failing to truly understand, and showing up for the the ones closest to us also become a kind of daghaa?
Because a stranger can fool you, but 'dagha' usually comes from someone closer.
Tune in for some gems from Shakeel Badayuni and Qateel Shifai on dagha. And fareb? We'll get to that next week.
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[00:00:06] Thumbnail तो दिग गया होगा, समझा गया होगा कि आज हम बात करेंगे दगा की आपको क्या लगा, मैं दबंग का गाना गाउंगे सल्मान खान की तरह काला चश्मा लगा के दगा बाजरे, तोरे नैना दगा बाजरे जी नहीं, कोई नैना पैना की बात नहीं होगी, we will talk about something serious आधे से ज्यादा जून का महीना खतम हो गया है, बारिशें हैं के आने का नाम है नहीं ले रही है
[00:00:29] बही मोजे निकल आते हैं मेरे बारिशों में, खेर मुझे तो AC में भी ठंड लगती है, बर दपॉइंट इस के दगा नहीं तो और क्या है ये पिछले साल 26 मई को बाज़ार पड़ी थी, बारिश हुई थी, और अब देख लीजे 15 जून कपकी जा चुकी है तो आज बात होगी दगा की, जो मौनसून ने हमको दे दी है, शुरू करती हैं The Quint आप सुन रहे हैं, उर्दु नामा, मेरा नाम है फबिहा सेयद I am worried, anxious about this betrayal
[00:00:59] Angry भी हूँ काफी और बहुत helpless भी फील कर रही हूँ के हम ने, मतलब हम यानि humans of the world ने Climate इस गदर चेंज कर दिया है, कि उसका हुलिया ही बदल गया है तालाब, लेक्स, जहां से पानी आता है, वो 10-15% पर है We have betrayed ourselves, अगर इमानदारी की बात कहें, तो ये betrayal हमने खुद किया है अपने साथ Unsustainable land and water use, या यू कहें कि abuse किया है
[00:01:25] जंगल उखाड के concrete बिचा दिये, उपर से AI data center ठीक वहीं बने है, जहां water stress पहले से है और फिर हम कहेंगे कि monsoon ने दगा दे दिये, हमने खुद को दगा दी है आने वाली नसलों को betray किया है And this is concerning उर्दू नामा ऐसे ही concerning themes पर बात करता है, लेकिन उर्दू शायरी के हवाले से इसलिए जो word है दगा, betrayal इसे समझना बहुत ज़रूरी है
[00:01:50] English में दगा के करीब तरीन जो अलफाज हैं वो है betrayal, fraud, cheating एक और word है जो अक्सर दगा के साथ जोड़ के देखा जाता है, वो है फरेब, दगा और फरेब, फरेब और दगा फरेब का मतलब है deception अगर कोई salesman आपको जूटी तारीफ हैं और अधूरी मालूमात से कोई चीज बेच रहा है
[00:02:15] जो आपके सेल्समेन ने बोल देखें, वहीकुल pure cotton है, आप खरीद लेते हैं, आपको छूने में भी मुलायम लगता है लेकिन घर आ कि जब आप उसे पहनते हैं तब पता लगता है, इसमें synthetic धागा पिरोया हुआ हुआ है प्योर cotton नहीं हैंगे, आपको गर्मी लगने लगती है, खुझली होने लगती है तो उस दुकानदार ने आपके साथ क्या किया है? फरेब किया है, उसने आपको दगा नहीं दी है दगा वो कब देता? अगर वो दुकानदार आपका दोस्त होता वो दोस्त जिस पर आप भरोसा करते
[00:02:41] और वो ही आपको अगर जान बूच के गुमरह कर दे तो वो है दगा Catfishing फरेब है Cyber Arrests फरेब है लेकिन आपका partner आपका trust तोड़े, तो वो दगा हो जाएगी दगा में फरेब हो सकता है लेकिन फरेब में जरूरी नहीं के दगा हो फरेब में आप धोके का शिकार होते हैं, दगा में भरोसा तोटने का
[00:03:08] धोका वो भी है, but yes, that's the main difference लेकिन आज एपिसोड में, betrayal और deception के बीच, हमने betrayal को पकड़ा है कान पकड़ के खबर लेंगे सिर्फ दगा की फरेब का नमबर लगेगा अगले आपिसोड में खैर, दगा के बारे में सबसे interesting बात ये है कि ये सिर्फ धोके की कहानी नहीं होती है betrayal is only possible where trust existed in the first place
[00:03:36] आप किसी गयर से, किसी stranger से दगा महसूस नहीं करते हैं, अपनों से करते हैं क्योंकि अपनों के पास ही वो currency होती है जिसे हम कहते हैं trust, भरोसा और उसी currency के लुट जाने पर, उसी trust के टूर जाने पर हमें दगा मिलने का एहसास होता है लेकिन ये भी सही है, कि किसी को धोका देना गुना है, धोका खाना गुना नहीं है शायरी पर आएंगे शकील बदायूनी का ये iconic शेर है
[00:04:05] मेरे हम नफस, मेरे हम नवा, मुझे दोस्त बन के दगा न दे, मैं हूँ दर्द इश्क से जान बलब, मुझे जिन्दगी की दुआ न दे शकील बदायूनी का ये शेर बेहत पसंद है, क्योंकि यहां दगा किसी वाके की शकल में नहीं आई है
[00:04:30] किसी outcome के शकल में नहीं आई है, ऐसा नहीं हुआ कि betrayal हो चुका है, उसकी शिकायत अब शायर कर रहा है नहीं, यहां शायर request कर रहा है Dear friend, please don't betray me, this is what he is saying मेरे हम नफस, मेरे हम नवा, मुझे दोस्त बन के दगाना दे दो लफ़ों को इसमें समझना पड़ेगा हम नफस में नफस का मतलब और हम नवा में नवा का मतलब
[00:04:59] फारसी और अरदू में हम का मतलब है साथ, यानि की sharing इसलिए हम सफर, सफर में साथ चलने वाला हम खयाल, खयालात में शरीक आपके साथ जो हो, opinions के साथ जो align करे हम दर्द, जो आपके दुख में आपके साथ हो इसी तरह हम नफस में नफस यानि सांस, breath literal माना इसका होगा, हम नफस का, के जो breathing में आपके साथ हो
[00:05:28] with synchronized breathing of course शायरी में इसका मतलब coordinated breathing नहीं है it's a way of expressing intimacy, someone whose life runs alongside yours आपका companion, आपका intimate partner, your spouse someone who shares your world and your worldview तो ये है हम नफस, अब आते हैं हम नवा पे
[00:05:53] हम नवा में, नवा का मतलब है नगमा, गीत, song, tune अब हम नवा कौन हुआ? वो जो आपके सुर में सुर मिला सके ये नदर वर्ड जो आपका चमचा हो छोटे भाई बहनी best हम नवा होते हैं by the way someone who is in tune with you जो आपकी बात समझे, आपकी wavelength पर हो जो आपके साथ, जिसके साथ आपको ज़्यादा explanation देने की ज़रूरत ना पड़े वो है हम नवा
[00:06:21] अब ये मिसरा दुबारा पढ़ती हूँ मेरे हम नवा मुझे दोस्त बन के दगा न दे शकील बदायो नहीं ये नहीं कह रहे हैं, ए दोस्त डोंट बिटरे में ये डिरेक्ट बात नहीं कह रहे हैं वो पहले कुर्बत यानि nearness के दो दाइरे बना देते हैं जिसके थूँ वो वाल्यू अफ फ्रेंड्शिप समझा रहे हैं हम नफस एक दाइरे में है यानि मेरे साथ ही हम नवा यानि मेरे हम आहंग
[00:06:51] someone who is in tune with me और फिर जो तीसरा लव्ज है वो है title, दोस्त का पहले value समझाई फिर title बताया कि भई value तुम्हारी ये है और title तुम्हारा ये है पहले रिष्टे की अकीमत समझाई और फिर गुजारिश की है कि मुझे दोस्त बनके दगा न दे दुश्मन नुखसान पहुंचा सकता है लेकिन दगा सिर्फ अपना दोस्त ही देता है दोस्त title को हलके में नहीं लेना ये वो शखस है जो आपके हमनफस भी है और हम नवा भी हैं
[00:07:20] तो इतनी गहरी intimacy जिसके साथ हो और अगर वो दगा दे तो दुनिया हिल जाएगी उसी बात का खौफ है शायर को इसलिए दूसरे मिसरे में कहते हैं पहली ये जाँ बलब जो expression है इसका मतलब समझे लिटरली इसका मतलब है जान का हूटो तक आना इट मीन्स के पूरी बाड़ी का दम निकल गया है और जो जान है वो लबों तक आ गई है वो भी निकल जाएगी
[00:07:51] जब कोई मरता है तो जान जबान तक आती है हूटो तक आ जाती है तो शायर का मतलब यहां क्या है मरता हूँ आदमी तो अपने बारे में ये नहीं कह सकता ना कि मैं हूँ जान बलब तो शायर यहां पे कह रहे है that I am as good as a dying man meaning I am exhausted, I am overwhelmed मैं अपनी हद तक पहुँच चुका हूँ इश्क का दर्द has defeated me मुझे जिन्दगी की दुआ न दे इसका मतलब यह नहीं कि शायर जिन्दगी नहीं चाता कि शायर यह नहीं चाता अपने दोस्त को
[00:08:21] क्यों उसको अच्छी दुआ दे वो यहां request कर रहा है अगर मैं तुम्हारे सामने अपनी थकन, अपना दर्द और अपनी vulnerability रख रहा हूँ तो मुझे routine तसलिया मत दो सब ठीक हो जाएगा, खुश रहो long life हो तुम्हारी खुश रहा करो ही सिंग के मुझे से यह सारी बाते मत करो पराए लोगों जैसी sugar coated बाते मत करो और शायद यही बात इस शेर को दगा के, betrayal के हवाले से बहुत ही interesting बनाती है
[00:08:50] layer देती है इसको, हम आम तोर पर दगा को जूट या बेवफाई से जोडते हैं किसी ने धोका दे दिया दगा हो गई लेकिन कभी-कभी दगा ये भी होता है कि जो लोग हम पर ट्रस्ट करते हैं only because they trust us तो ये हमारा काम है, हमारी ये duty है कि हम उस ट्रस्ट पर पूरे उतरें मेरे हम नफस, मेरे हम नवा मुझे दोस्त बन के दगा न दे
[00:09:20] मैं हुँ दर्दे इश्क से जां बलब मुझे जिन्दगी की दुआ न दे काश, बेगम अफ़त के घजल यहां प्ले कर सकती आगे बढ़ेंगे I love this one by قतील शिफाई लिखते हैं वो मेरा दोस्त है सारे जहां को है मालूम दगा करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे पहले मिस्रे में डिकलेयर कर दिया है
[00:09:48] वो मेरा दोस्त है सारे जहां को यह बात मालूम है यानि यह कोई छुपा हुआ रिष्टा नहीं है अब ज़र आप यह सोचिए अगर अगला मिस्रा ऐसे होता कि दगा जो मुझ से वो करे तो चोटाए मुझे तो बात समझा आती ठीक है बहुत और्डिनरी भी लगती कि हाँ जब कोई डगा करता है बुरा ही लगेगा इसमें ऐसी कौन सी नहीं बात है लेकिन कतील सहाब उस रास्ते पर नहीं गए है उनकी ब्रिलियन्स यहां आप देखे वो कह रही है
[00:10:15] दगा करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे चोट नहीं शर्म सिर्फ मुझ से नहीं किसी भी शखस से अगर दगा करे किसी भी शखस को अगर वो बिट्रे करे मेरा दोस्त तो दाट विल एमबारस मी शायर ये कह रहा है कि जिस शख्स को मैं अपना दोस्त मानता हूं इसके क�erdक्टर से मेरी भी पहचान जूरी है यानि यहां दोस्ती का इमतिहाँ इस बात से हर्गिज नहीं हो रहा है कि वो मेरे साथ कैसा है असल इमतिहाँ यह है
[00:10:44] कि वो दुनिया के साथ कैसा है उसका character दुनिया के साथ, दूसरों के साथ कैसा है और शायद इसी लिए इस share में चोट से ज्यादा शर्म का लफ़ अच्छा लग रहा है चोट personal होती है, शर्म moral होती है morals की जो larger picture है वो society से, community से जुड़ी होती है जहां right और wrong का फैसला किया जाता है वो मेरा दोस्त है, सारे जहां को है मालूम दगा करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे
[00:11:16] actually, قतिल सहाब की इसी घजल में betrayal के हलके भारी shades दिखते हैं इसी घजल के दो अशार और हैं, वो भी आपको सुनाऊंगी लिखते हैं, वही तो सबसे ज्यादा है नुक्ता जो criticize करे भूब � locks की लगाए मुझे मैं अपने दिल से निकालू खयाल किस किस का जो तू नहीं तो कोई और यादाए मुझे
[00:11:45] दरसल कतील सहाब की इसी घजल में दगा और फरेब दोनों के Shades हैं वही तो सबसे ज्यादा है नुक्ताची मेरा जो मुस्कुरा के हमेशा गले लगाए मुझे ये शेर सुनते ही दगा से ज्यादा ऐसा लग रहा है फरेब की बात है क्योंकि यहां मसला वफदारी का नहीं है अप्यरंस और रियालिटी के बीच का गैब है एक तरफ मस्कुराहट है, गली लगाना है, अफेक्शन है
[00:12:11] दूसरी तरफ वही शखस सबसे ज्यादा नुक्ताचीनी भी करता है खामिया निकालता है तो असली चहरा फिर कौन सा है? जो मस्कुराता है या जो बात-बात में एब निकालता है और यहीं पे, यह जो territory है ना, यहीं पे फरेब operate करता है जब जाहिर कुछ और है और बातिन कुछ और जब evidence किसी और चीज़ का है लेकिन hidden कुछ और है तो ऐसे में इंसान समझ नहीं पाता है कि सामने वाले की असली position क्या है
[00:12:40] और यह confuse करने वाले जो लोग होते ना अच्छी मेरा जो मुस्कुरा के हमेशा गले लगाए मुझे मैं अपने दिल से निकालू खयाल किस किस का जो तू नहीं तो कोई और याद आए मुझे
[00:13:07] शायर खुद को हीरो बना के पेश नहीं कर रहे हैं यहां कोई ideal lover होनी का वो claim नहीं कर रहे हैं वो एक बहुति यह उनकंफिटबल सी बात मान रही हैं admit कर रहे हैं कि दिल इतना simple नहीं है जी हमें ऐसा लगता है कि महबबत एक ही चहरे के गिर्द गूमती है एक ही इंसान के गिर्द गूमती होता भी है बहुत सारे cases में ऐसा होता है वह सारे fortunate cases में ऐसा होता है लेकिन ज्यादातर ऐसा नहीं होता है
[00:13:35] एक ख्याल जाता है और दूसरा आ जाता है एक चहरा धुनला पड़ता है कोई और उभराता है और शायद इसलिए घजल के दो शेर साथ रखने पर और और भी ज्यादा खुबसूरत कांटरास्ट बन रहा है इंट्रिस्टिंग लग रहा है काफी एक शेर में दूसरों के फरेब की बात हो रही है और दूसरे शेर में अपनी कमजोरी का अधराफ कहां जी हमने बिट्रे किया है अब फरेब का उंट किस करवट बैठता है वो अगले एपिसोड में समझेंगे आप खयाल रखे अपना
[00:14:03] दूआ मांगते रहे कि बारिशे हो जाएं मतलब प्रॉपरली हो जाएं चलिए, खुदा आफिस


