शक्तिपीठ

शक्तिपीठ

देवी सती का जला हुआ मृत शरीर देखकर भगवान् शंकर दुःख के सागर में डूब गए और यज्ञ मंडप से सती का आधा जला हुआ शरीर लेकर विश्व में भ्रमण करने लगे। शिवजी को उनके शोक से मुक्त करने के लिए भगवान् विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। देवी सती के शरीर के अलग-अलग अंग इस धरती पर जहाँ भी गिरे, उन स्थानों को शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

देवी सती का जला हुआ मृत शरीर देखकर भगवान् शंकर दुःख के सागर में डूब गए और यज्ञ मंडप से सती का आधा जला हुआ शरीर लेकर विश्व में भ्रमण करने लगे। 

 

शिवजी को उनके शोक से मुक्त करने के लिए भगवान् विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। 

 

देवी सती के शरीर के अलग-अलग अंग इस धरती पर जहाँ भी गिरे, उन स्थानों को शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।

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