सेंट्रल विस्टा राजपथ के दोनों तरफ के इलाके को कहते हैं. राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के करीब प्रिंसेस पार्क का इलाका इसके अंतर्गत आता है. इस पूरे इलाके को नए तरीके से बनाने के प्रोजेक्ट को ही सेंट्रल विस्टा नाम दिया गया है. जिसमें संसद की नई इमारत बनाने का भी प्रस्ताव है.
लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ लोगों ने विरोध जताया है और मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है. पर्यावरण एक्टिविस्ट, इतिहासकार, हेरिटेज एक्सपर्ट्स की शिकायत है कि नेशनल कैपिटल की शनाख्त बदली जायेगी और दिल्ली ही के लोगों से मश्वरा नहीं किया जाएगा? तो ये कहां की डेमोक्रेसी है? साथ ही कई पेड़ों के काटे जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल प्रोजेक्ट के शिलान्यास की इजाज़त सुप्रीम कोर्ट ने दे दी है, और 10 दिसम्बर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस सपने को शुरू करने के लिए फाउंडेशन स्टोन रखेंगे। आज पॉडकास्ट में बात करेंगे कि सेंट्रल विस्टा आखिर क्या है और दिल्ली में सेंट्रल विस्टा का बनना इसकी हेरिटेज पर किस तरह का खतरा है.
रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
गेस्ट: सुहैल हाशमी, इतिहासकार, हेरिटेज एक्सपर्ट
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज
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