सिद्धटेक सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धटेक सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धटेक में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर अष्टविनायकों में द्वितीय माना जाता है। यहां पर भगवान् गणेश की उपासना उनके सबसे प्रमुख रूप, ऋद्धि-सिद्धि के देवता के रूप में की जाती है। पेशवा साम्राज्य की महान् रानी अहिल्याबाई होलकर जी के द्वारा इस मंदिर के गर्भ गृह का निर्माण कराया गया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब ब्रह्माजी सृष्टि का निर्माण करने के कार्य में मग्न थे, तब भगवान् विष्णु के कान से जन्मे मधु और कैटभ नामक दो राक्षसों ने इस कार्य में बाधा डालने हेतु वेदों को चुरा लिया। तब ब्रह्माजी इस समस्या का समाधान करने हेतु प्रभु श्रीहरि की शरण में आए। लगभग पांच हज़ार वर्ष तक चले एक युद्ध में अंततः भगवान् विष्णु ने मधु-कैटभ का संहार कर उनसे वेदों को मुक्त करवाया। मधु-कैटभ वध के समय भगवान् श्रीगणेश से सिद्धि और विजय की कामना करते हुए श्रीहरि ने इसी स्थान पर सिद्धिविनायक की स्थापना की थी। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

सिद्धटेक में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर अष्टविनायकों में द्वितीय माना जाता है। यहां पर भगवान् गणेश की उपासना उनके सबसे प्रमुख रूप, ऋद्धि-सिद्धि के देवता के रूप में की जाती है। पेशवा साम्राज्य की महान् रानी अहिल्याबाई होलकर जी के द्वारा इस मंदिर के गर्भ गृह का निर्माण कराया गया था। 

 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब ब्रह्माजी सृष्टि का निर्माण करने के कार्य में मग्न थे, तब भगवान् विष्णु के कान से जन्मे मधु और कैटभ नामक दो राक्षसों ने इस कार्य में बाधा डालने हेतु वेदों को चुरा लिया। तब ब्रह्माजी इस समस्या का समाधान करने हेतु प्रभु श्रीहरि की शरण में आए। लगभग पांच हज़ार वर्ष तक चले एक युद्ध में अंततः भगवान् विष्णु ने मधु-कैटभ का संहार कर उनसे वेदों को मुक्त करवाया। 

मधु-कैटभ वध के समय भगवान् श्रीगणेश से सिद्धि और विजय की कामना करते हुए श्रीहरि ने इसी स्थान पर सिद्धिविनायक की स्थापना की थी।

 

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