नहुष का उद्धार

नहुष का उद्धार

स्वर्ग से पतन होने के बाद नहुष एक अजगर के रूप में पृथ्वी पर जीवन व्यतीत करने लगा। उनके विशाल शरीर के कारण वह ज्यादा हिल-डुल नहीं सकते थे और जो भी उनके रास्ते आता उसे खाकर जीवन बिताते। अपने जीवन के अंतिम समय में जब पांडव हिमालय यात्रा पर थे तब अजगर रूपी नहुष ने भीम को पकड़ लिया। भीम अपनी सारी शक्ति लगाकर भी अजगर की पकड़ से नहीं निकल पा रहे थे। जब युधिष्ठिर को इस बात का पता चल की अजगर भीम को खाने वाला है तो उन्होंने अजगर से भीम को छोड़ने को कहा। धर्मराज के पुत्र के साथ नहुष ने वार्तालाप किया और अंततः ऋषि अगस्त्य के श्राप से मुक्त होकर स्वर्ग को प्रस्थान किया। Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

स्वर्ग से पतन होने के बाद नहुष एक अजगर के रूप में पृथ्वी पर जीवन व्यतीत करने लगा। उनके विशाल शरीर के कारण वह ज्यादा हिल-डुल नहीं सकते थे और जो भी उनके रास्ते आता उसे खाकर जीवन बिताते। 

अपने जीवन के अंतिम समय में जब पांडव हिमालय यात्रा पर थे तब अजगर रूपी नहुष ने भीम को पकड़ लिया। भीम अपनी सारी शक्ति लगाकर भी अजगर की पकड़ से नहीं निकल पा रहे थे। 

जब युधिष्ठिर को इस बात का पता चल की अजगर भीम को खाने वाला है तो उन्होंने अजगर से भीम को छोड़ने को कहा। 

धर्मराज के पुत्र के साथ नहुष ने वार्तालाप किया और अंततः ऋषि अगस्त्य के श्राप से मुक्त होकर स्वर्ग को प्रस्थान किया।

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