#225 - अकबर, बीरबल और तानसेन की एक रोमांचक कहानी

#225 - अकबर, बीरबल और तानसेन की एक रोमांचक कहानी

सद्गुरु अकबर के दरबार के सबसे अच्छे गायक तानसेन और दो अत्यंत गुणी युवा संगीतकारों की कहानी सुनाते हैं, जो अकबर के दरबार में गाने के उसके निवेदन के आगे नहीं झुकीं, बल्कि उसके बजाय अपनी जान दे दी। वे यह भी बताते हैं कि कैसे ध्वनि और संगीत को सृष्टि के स्रोत तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। Conscious Planet: https://www.consciousplanet.org Sadhguru App (Download): https://onelink.to/sadhguru__app Official Sadhguru Website: https://isha.sadhguru.org Sadhguru Exclusive: https://sadhguru.co/exclusive-pd Inner engineering Online: isha.co/ieo-podcast Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

सद्गुरु अकबर के दरबार के सबसे अच्छे गायक तानसेन और दो अत्यंत गुणी युवा संगीतकारों की कहानी सुनाते हैं, जो अकबर के दरबार में गाने के उसके निवेदन के आगे नहीं झुकीं, बल्कि उसके बजाय अपनी जान दे दी। वे यह भी बताते हैं कि कैसे ध्वनि और संगीत को सृष्टि के स्रोत तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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[00:00:01] तनसेन ने कहा, दूसरे लोग भी हैं, जो मुझसे काफी बहतर हैं

[00:00:07] अकबर ने कहा, कौन है वो, उन्हें लेकर आओ

[00:00:10] बीरबल ने कहा, सबसे अच्छे कलाकार कभी आपके दर्बार में नहीं आएंगे

[00:00:14] उन्होंने कहा, हम यात्रा नहीं कर सकते

[00:00:17] जब कोई राजा निमंतरन भेशता है, तो आप या तो जाते हैं, या लटक जाते हैं

[00:00:21] जब ये खबर अकबर के पास पहुँची, तो वो बहुत विचलित हुआ

[00:00:26] मैं उनके साथ रानियों जैसा बरताफ करता

[00:00:35] भारत में इस तरह कि कई कहानिया और कथाएं हैं

[00:00:39] कई संगीत कारों के बारे में, खास तोर से उनकी जो बहुत प्रसिद्ध हुए, उनका नाम तानसेन था

[00:00:46] तो तानसेन के पास ऐसी महरत थी, कि अगर वो बरसात का राग मलहार गाते थे, तो बारिश होने लगती थी

[00:00:55] कहते हैं वो दीपक जला दिया करते थे, वो दीपक राग गाते थे और अपने मन के दिये पर एकाग्र करते थे और वो जल उठता था, बिना माचिस के

[00:01:06] तो वो उस्तादों के उस्ताद थे, तानसेन के गुरू, हरिदास थे

[00:01:17] उन्होंने ऐसी ही काबिलियत वाले कई गायक पैदा किये, सिर्फ तानसेन ही प्रसिद्ध हुए, क्योंकि वो राजा के लिए गाने को तयार थे

[00:01:30] हरिदास के बाकिशियों ने ईश्वर के अलावा, किसी दूसरे के लिए गाने से मना कर दिया

[00:01:38] हरिदास यानि ईश्वर का गुलाम, तो उन्होंने लोगों को इस तरह से संगीत सिखाया, कि ये संगीत सिर्फ ईश्वर के लिए है

[00:01:51] अगर कोई उसे सुन लेता है, तो वो उसका सौभाग्य है

[00:01:56] लेकिन उसे कभी दर्शकों के लिए नहीं गाया जाएगा, उसे कभी किसी राजा या दर्बार के लिए नहीं गाया जाएगा

[00:02:03] तो कई बार जब उन्होंने गाने से मना कर दिया, तो

[00:02:08] उनका गला ये सोचकर खोल दिया गया, कि संगीत वहाँ छुपा हुआ है

[00:02:12] You know what?

[00:02:45] You know what?

[00:03:20] You know what?

[00:04:16] You know what?

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[00:04:58] You know what?

[00:05:28] You know what?

[00:06:07] You know what?

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