#206 - रहस्यमयी नकाबपोश और एक शिवभक्त की कहानी

#206 - रहस्यमयी नकाबपोश और एक शिवभक्त की कहानी

सद्गुरु एक शिव-भक्त की दिल को छू लेने वाली कहानी सुना रहे हैं जिनकी अपनी बूढ़ी माँ को, उनकी अंतिम इच्छा अनुसार, काशी ले जाने की अभिलाषा इतनी प्रबल थी कि स्वयं शिव को भेष बदलकर उन्हें लेने आना पड़ा। Conscious Planet: https://www.consciousplanet.org Sadhguru App (Download): https://onelink.to/sadhguru__app Official Sadhguru Website: https://isha.sadhguru.org Sadhguru Exclusive: https://sadhguru.co/exclusive-pd Inner engineering Online: isha.co/ieo-podcast Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices

सद्गुरु एक शिव-भक्त की दिल को छू लेने वाली कहानी सुना रहे हैं जिनकी अपनी बूढ़ी माँ को, उनकी अंतिम इच्छा अनुसार, काशी ले जाने की अभिलाषा इतनी प्रबल थी कि स्वयं शिव को भेष बदलकर उन्हें लेने आना पड़ा।

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[00:00:00] ये एक अदबूद गतन है, जो 250-300 years back,

[00:00:07] करनातक के दक्षनी बाग में एक भकत त ते और उनके मा भुड़ी थी,

[00:00:16] वो काशी जाकर विश्वनात की गोड में मरना चाथी थी,

[00:00:27] ये आपने बीटे से मागी, मुझे काशी लेचलो, मैं बूडी हो रही हूँ, मैं वहाज आकर मरना चाथी हूँ,

[00:00:35] तो अद मी अपनी बूडी माखो लेकर चलने लगा,

[00:00:40] तो दक्षन करनातक से काशी तक, जंगलों से होकर जाना,

[00:00:46] अग बहत लंभी दूरी थी, और वो पेडल चल रहे थे,

[00:00:51] बूडापे की बज़े से माभीमार हो गए,

[00:00:54] तो उस में उने कंदोपर उठालिया, उसकी शकती खत्म हो रही थी,

[00:01:03] और सरफे एक तरीका था,

[00:01:06] जिस से वो चलते रहे, वो बस शिव शिव बोलते गय,

[00:01:12] उनो अगने कहा, उसकी बज़े इस काम में सपल मत होने देना,

[00:01:17] बस एक ही चीज्स मेरी माने मागी है, मुझे पूरी करने दे,

[00:01:22] मैं उने काशी लेजाना चात्ता हो, हम बस आपके ले ही वहाँ आरहे है,

[00:01:27] मुझे सकती दीजी है, तब चलते चलते,

[00:01:31] उनो अगन्ती सूनी, तो उने एक भालगाडी और एक जंटी के आदी सूनाइ ती,

[00:01:42] तब उनो अगन्ती से आती एक भाल लगाडी देखी,

[00:01:47] जो अजीब है, करनाटक में आप अकेला भाल देक सकते है,

[00:01:51] पर आस पास के इस्तिमाल के लिमभी दूरी के लिए,

[00:01:55] तो अजीब है बाल खाडी आने पर अच्छा दो भाल होते है,

[00:01:58] पर जंगल में अखेला भाल अजीब है,

[00:02:03] पर जब आप थाके होते है, तो इं छोटी चीजों की परवान ही करते है,

[00:02:08] गाडी आने पर उनो लोगने चालक से विंती की,

[00:02:12] वो उनके चेहरा नहीं देक सके,

[00:02:15] दूंद ती और वो खोड़को दखे हुए ते, मेरी मा भीमार है,

[00:02:23] वैसे भी एक आली ही है, उस आद्मी ने इशारा किया, तो वो दोनो चर गै,

[00:02:30] गाडी जंगल के रास्ते से जारही छी, कुछ समवे बाद,

[00:02:34] उनहो ने देखा, कि ये कुछ जीआदा ही सुगम सवारी है,

[00:02:42] ये उबडखावर सवारी नहीं ती, जैसा उसे होना चाही था,

[00:02:45] तब उनो ने देखा, पही ए गूम नहीं रहे थे,

[00:02:50] वो ठमे थे, और गाडी चल रही थी,

[00:02:53] तब उनहो ने भेल को देखा, बेल बधा हुवा था,

[00:02:58] और फिर भी गाडी चल रही थी,

[00:03:01] फिर उनहो ने द्रीवर को देखा,

[00:03:04] बस चोगा ही था, कोई आदमी नहीं ता,

[00:03:08] उसने अपनी माख की और देखा,

[00:03:10] माने कहा, एब भूद्दू हम पहुज गये है,

[00:03:14] कही जाने की जाने की जाने है,

[00:03:16] यही जगा है, मुझे जाने तो,

[00:03:20] और, माने अपना शरीए वही चोड दिया,

[00:03:26] बेल गाडी यो ड्रीवर गाएप होगे,

[00:03:29] तब उआदमी वापस लोट आया,

[00:03:32] लोगो ने सोचा,

[00:03:34] औई अपनी माख को कही फआंक कर चला या है,

[00:03:36] ये उने काशी नहीं लेगा, ये तो बहुत जल्दी वापस आगया,

[00:03:40] उनो ने कहाए, तुम आपनी माख को कहाए फआंक दिया,

[00:03:42] वो बोले नहीं, हमें जाना ही नहीं पडा,

[00:03:45] शिप खोड हमारे लिया आए,

[00:03:47] उनो ने कहाए बखवास, वो बोले,

[00:03:49] अप क्या सुचते है, इस से फरक नहीं पड़ता,

[00:03:51] वो वमारे लिया आए, और बस मेरा जीवन रोशन हो उठा है,

[00:03:56] मैं अपने भीतर ये जानता हूँ,

[00:03:58] आपको नहीं पता, तो आप जाने,

[00:04:01] तब नो ने कहाए, तुमे कुछ दिखाओ,

[00:04:05] किसी तर है, हमें दिखाओ कि तुमने शिप को देखाए,

[00:04:08] वो तुमहारे लिया आए,

[00:04:11] वो बोले, मैं नहीं जानता, मैं नहीं नहीं दिखाए,

[00:04:18] मैं बस एक चोगा देखा,

[00:04:20] कोई चहरा नहीं ता, कुज भी नहीं था, उखाली था,

[00:04:25] वो बस एसे ही बटे थे, वो एसे बट गया,

[00:04:29] और अचानक, सबने बस उसके कपडे देखे,

[00:04:34] वो वहान नहीं था, वो दक्षन भारत के महान संथ पने,

[00:04:41] वो यहां वहां गूमते रहे, वो जहाए भी गए,

[00:04:46] लोगने उने एक, खाली चहरे के रूप में पहचाना.

[00:04:55] Devotion essentially means you have found a way to dissolve yourself.

[00:05:55] वहान नहीं भी बभ़गती के बना, एक अनसान कभी भी पुरी तरहे सशक्त नहीं होगा.

[00:06:05] एक अपको यह समझन चाहीं कि यह कोई दारमिक प्रक्रिया नहीं है,

[00:06:09] बवकती एक यह एसा लव अफेर है, जहां आप के पास चुनाव नहीं है.

[00:06:19] आप के पास जीाद चुनाव है।

[00:06:22] पर एक समझवाड आप आप उस्से मुक्त हो सकते है.

[00:06:26] भकती एक आसा लव अफेर है, जहां आप के पास कोई चुनाव नहीं होता,

[00:06:30] उर आप उस्से कभी भी मुक्त नहीं हो सकते है.

[00:06:33] You get pulled into it and nothing remains.

[00:06:36] Because if you don't remain anything, then everything will be over.