ये करोगे तो कभी काम वासना नहीं सताएगी!

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[00:00:00] जीवन अनेक लोगों के लिए बहुत कुछ हो सकता है

[00:00:04] आप अपने जीवन को क्या बनाना जाते है?

[00:00:07] इस एकसक्लूसिव स्पातफाइ पोट्कास्ट पर

[00:00:10] गुरुदेव के साथ जीवन जीने की कलाकी खोज करें

[00:00:16] आप एदी एख्जाम के ताए में पड़रें बहूँ

[00:00:19] और आप एखसे एखसे चितर देकते हैं

[00:00:23] तब काम वाँसना पड़जिद

[00:00:27] एक कामुक वेक्ती चिसच ने बहुत अपराढि क्या

[00:00:30] जेल में पडर कुछ हो भूँओ खाता अपर अपराढि काँई

[00:00:34] नहीं रोगा लगा देखते है

[00:00:36] तब काम वासना पड़जिद

[00:00:38] और आजे आजे चित्र देकते हैं तब काम वासना पकर जित

[00:00:45] ये खामुक वेख्ती चिस ने बहुत अपरादि किया

[00:00:49] जेल में उसको आमरेका में फासी की सजाम बे लिए

[00:00:53] विस मरने से पहले उसके पुचा गया

[00:00:55] तुमारी कोई ये निच्छा हुड्तो बता

[00:00:57] तु उसके गँछा अप दिज्ती प्रोंणोगर किये ये सब पर दिने थी

[00:01:02] तायते विश्यान पूमसास, संगस देशुप जायते

[00:01:07] संगस संजायते कामाद, कामाद प्रोड़ो भी जायते

[00:01:12] आई क्या होता है, जिस चीस पर दियान बार बार तेटे हो

[00:02:17] उसके आई क्या ऐयान? इी मिनित काम वसनके लिए

[00:02:22] आई पाच मिनित बुग के लिए जिन्दगी बर नरख

[00:02:26] कुथ भी नरख में, उस़ोग को भी नरख मिए डल

[00:02:29] इसलि वसिना हुमारे न्ययं ट्रड में लगे है

[00:02:33] न्यन ट्रड में रवने लगे है।

[00:02:36] तो बड़ा प्रुजक लेके काम करतें

[00:02:38] तुस्रा अपनी शक्ती को

[00:02:40] कुछ सकारात्मक रुक में लगाते जाूए।

[00:02:43] नितो काम वास्ना के बाद ठखान

[00:02:46] काम वास्ने के बाद

[00:02:48] शक्ती का रासिवा

[00:02:50] इसके मतल यह नहीं कि

[00:02:52] दबावो काम वास्ना को

[00:02:55] आपनी है

[00:02:56] ना उसको प्रुज सहाथ देना है

[00:02:58] सहज रहा हम

[00:03:00] ब्रम्मच्र यह सित्ती आप वोड ग़ा

[00:03:02] ना क्रानयम और द्यान करते है

[00:03:04] बाद म्मच्र ये सित्ती

[00:03:06] शहजी आजा जा था दो वो यह बहेतर है

[00:03:08] आएब बै कनोगगे

[00:03:09] की जितने काम वास्ना को

[00:03:11] जगाने जैसे किताबे है यार नेद थ है

[00:03:15] ये सब देखोगी तो, वो तो फिर बड़ता ही जाए

[00:03:18] तागी देखते देखते देखते मन कैता है उसी पे

[00:03:21] जाओं जाओं जाओं

[00:03:23] और इसका कोई अंत नियों

[00:03:25] विडेश में ये होता महीले पुरुष और महीला का ये हुओा

[00:03:29] इस में लोग ळट्व ती न joursी मिली

[00:03:31] फिर, याम वासना,

[00:03:33] बच्छों गे साथ साथ

[00:03:35] वो गो च्छ वासना, प्र जान्वारों के शाथ

[00:03:38] इसका कोई अंच है क्या

[00:03:40] जो विर्खती विस में जाए के देका है

[00:03:44] उसकृ त्रप्ती नहीं मिलें, कुशी नहीं मिलें, आनन्द नहीं वूसको चैरा देकों

[00:03:48] मरे बीटे कुटे जीसे लगें यें

[00:03:51] प्रसन्नता है? खॉशी है? नहीं

[00:03:55] इसी तरसे दबाके बेटकी, जबरदसती कुई दबाके बेटके

[00:03:59] बाँचरि के सथा ठाडी, भगत पुज खाम कर सकते है.

[00:04:05] ताचतादी है, बहुत गई काम कर सकते है.

[00:04:10] सोच विचार अच्छे होते है, आवर मन प्रसन रड़ाता है.

[00:04:18] महर्षी पतजली नहीं शुँड़ा.

[00:04:21] पाँच नेमो में, एज में में शुवच लेँ.

[00:04:27] शुवच मने शुजटा.

[00:04:30] स्वांगय जिगुबसे परई रसलन सगा.

[00:04:34] अपने ही श्विछ पक जिगुबसा,

[00:04:37] मने कोई आसकती नहीं रहना,

[00:04:41] दुस्रों के समपरक नहीं रहना.

[00:04:44] इसे क्या मिलता है बोले?

[00:04:46] सत्टोषुदी, बुद्दीस शुथोड़ा है.

[00:04:50] सूव मनस्व चाक,

[00:04:51] मन में प्रसनता है.

[00:04:53] चित पी का ग़ता,

[00:04:55] चित में एक आग गता है.

[00:04:57] जिस वेकती के मन में और हमेश रख पा सहो।

[00:04:59] कोन नच्चा की को लड़़ की है,

[00:05:01] की की एक पकड़े है किसे बात कर है,

[00:05:04] किसे वी के ले,

[00:05:05] केसे की हादपलएं छीन ले,

[00:05:07] ये मन्मे रहेगा तो वो मन निदर उदर दर दर दर दर चंचल बना रहेगा

[00:05:12] जब ये वीचार नहीं है मन में एका गरतातें

[00:05:15] इंद्रिय जेयत्वा अपने इंद्रियो में जैएं

[00:05:19] बस में जातेवध कै बार आप खगे हूँए औंगे

[00:05:22] तेलविषन में कुज प्रोगाम चलता हो आगा

[00:05:25] कोई सिने माग

[00:05:26] देक रहें देकने से तखान बड़ती है

[00:05:29] आआँँखे आपकी बात नहीं मान्दें

[00:05:32] जीब आपकी बात नहीं मान्दें, पेट बर गया

[00:05:35] फिर भी कुछ खाने कम रहाता

[00:05:38] बौली मिया

[00:05:39] पेट लेनी सकता है दा

[00:05:41] और मन की चछापोरी नहीं

[00:05:43] काम बासनका भी एसा ही हो

[00:05:45] शरीर में ताकत नहीं है को

[00:05:47] मर मन कच्वर बड़ा हो आगा

[00:05:49] विदेष में देख नहीं

[00:05:51] अनने सुना, सथटर रस्टी साल का आद मी प्रोनोग्रफी

[00:05:54] देकता रहता है

[00:05:56] अपका विदेख नहीं ताकत नहीं

[00:05:58] मर वो देख देख की खुषी तो नहीं

[00:06:00] देख आदत सी पन जात्तें

[00:06:02] दिमक भीगड जातें

[00:06:03] इंद्रे चेएत वर आत्मदर्षनी हो गी

[00:06:06] जब पी आपकी मन में बहुत

[00:06:08] एक तर यह साल

[00:06:09] उख्डा उख्डा साल

[00:06:11] आनुबव हो

[00:06:13] अप तो आप देख की बीचेए नहीं हो

[00:06:16] यह जाना चे अशूच होगया

[00:06:18] अशूच मैं आव रोग विख समपरक में जाडा आगया

[00:06:21] अप थोडी दिन किसी का समपरक नहीं करेगे

[00:06:24] इस तर से करके देखना

[00:06:26] तो तुरंती मन में फिर प्रसंडदा जाते है

[00:06:30] तो मैं यह दो बाज समजन जाए

[00:06:33] अती कामुकता यह कामुकता में जाना तीक नहीं

[00:06:37] आफ से ही काम को डबाने की कोई जरूरत नहीं

[00:06:40] वो मर है

[00:06:42] तो उस उस फिसाभ से

[00:06:44] अपना जो शरीर की बनाबद की शाभ से

[00:06:47] खाने पीने में धियान देखे

[00:06:49] प्रानायम करीए

[00:06:51] आप वो साभी करना है

[00:06:53] जैसे कर तबाएवाहित चीवन करीए

[00:06:55] उस दे कोई डलत नहीं

[00:06:59] अरहम निथि और शुद लेए

[00:07:01] तो मन में वासनाई कहा से आती है

[00:07:04] वासनम नहीं क्या हमारी

[00:07:06] यह एंद्रियान

[00:07:08] जो देकी हुए चीसों की तरफ चाथती है

[00:07:11] बासनम है उर क्या

[00:07:18] पस्नम नहीं कर बहीर मुख होना

[00:07:21] आप यह भासनम है

[00:07:23] तो भी समता यह जुग लेगे

[00:07:25] अप वासनम है

[00:07:27] यह अप है

[00:07:29] यह रसे एक दॉडलोत

[00:07:33] और दो,

[00:07:36] ती tenho

[00:07:37] तीस्रा अगा लेते हैं, चोवता पीडा होते,

[00:07:42] कोई कहें, तुमे दस रस्गुला काना हो,

[00:07:46] फिर तुम को लगेगा जिन्दगी बर अग्र रस्गुला कितर अद नहीं देखला मैंच्पा.

[00:07:51] तु क्यो हमारी एंद्रिया हों की शमता सीमित हैं,

[00:07:57] और जब मन की लालच यतना अदिक हो जाता है,

[00:08:01] तु हमारी एंद्रिया उसको ताम नहीं पाते हैं,

[00:08:05] तुब पीडा होने लकती, दूख होने लकता, दरद होने लकता हैं,

[00:08:10] तुब केते हैं कि तुम बीमार होएं।

[00:08:13] ये बूली मिया करके ये बीमारी हैं,

[00:08:17] अदिक हो नहीं, छोन में ऐसी � night-hourीद करने,

[00:08:20] तुम पीडा में, बीमा नहीं तुम मैं भी याने भी ईसाण 니 मुऽ देका क्ता,

[00:08:27] डूशकी दगी चयतर हूँऽ किस्ली भास mindfulness.

[00:08:29] बीमारी मंगो आनकि उअदाने का में लेन या चलन ई छो पाते है?

[00:08:32] तब इस यह अलग सुक पाते है है है है है हैं।

[00:08:36] तो अई अनद़ सिने बुद्दी से जो पखड में आते वो सुक

[00:08:41] वो सुक स्वरूपी शिवरूपी अनन्द

[00:08:45] हम ये नहीं केरें कि तु मानन्द चोड दो

[00:08:47] हम कती तु अनन्द के और जाू

[00:08:50] ये वह वैए कि यह भुब अआनन्द के अर जाू?

[00:08:53] चोटे अनन्द बे कब तग रोग होगेब வैए

[00:08:55] वोई बड़ु आननद के और जाू

[00:08:57] फिचिल� जो शिव कोति अति सुक बोलग

[00:09:00] जो द्यावे सो अति सुक पावे

[00:09:05] शिव सुक स्वरूपी है

[00:09:08] आत्मा सुक स्वरूपी है,

[00:09:10] सुक के मतल बी है है कि तुम आप आप आपने पास आगे हो.

[00:09:15] दूग का अरत है कि तु खुद से दूर चलेगे हो.

[00:09:19] कि तुम खुदी सुख हो,

[00:09:21] कुटे क्या करते है,

[00:09:23] हद्टी चूषते,

[00:09:24] तबाचबा करके,

[00:09:25] अप वो बाचबा लागे तुम बीच तुम आप रहा है,

[00:09:44] जिसे जो शिमला में रहते है,

[00:09:46] उनको लगता है,

[00:09:48] कि गोवा में बीच में जाएं,

[00:09:50] तब अच्छा रहता,

[00:09:51] शुक जो.

[00:09:52] उनका तो सपना है,

[00:09:54] गोवा में जाएंगया,

[00:09:56] बीच में जाएंगया,

[00:09:57] मुमभाई जाएंगया,

[00:09:58] अव,

[00:10:00] मुमभाई में गोवा में रहते,

[00:10:01] वो कभी बीच के तरव,

[00:10:02] पूडकी नहीं देखते है,

[00:10:04] उनको रहते है,

[00:10:05] पहाड में जलते है,

[00:10:07] शिम्ला जायं,

[00:10:08] क्यों? जब कोई चेंज होता है, चेंज के वकत ही सुग का अनुबोती होते है.

[00:10:15] तुम दिखलिन आपना जीवन में, एकी चीज रोज खातर हो, उस में तुमें आनन्न नहीं आता है.

[00:10:20] जब कुछ चेंज करता हो, उस में. त्या होता है वूस वागत?

[00:10:25] मन एक चीज को चोड दी, तुस्री चीज को भी पक्री नहीं है,

[00:10:31] इस भीच की अवस्तामे अंदर से वो सुख के अनुबोती होती है.

[00:10:36] एक मेकनिक साई है, और द्यान क्या है? ये गाप में जाना है यही.

[00:10:42] और वो गाप अमारे पास है एक मेशा है.

[00:10:44] अम सब इश्वर कही एक अन्च है, तु फिर भी हमारे नदर काम, गॉड, दुमो, कामना, वासना क्यो है?

[00:10:51] वो भी प्रक्रती कही एक विदान है, कामना को भी हमने देवता ही माना, काम देव वो लिसलिया.

[00:10:59] मर आती कामुकता हो जाए दिमाक में इसको विकार माना है,

[00:11:05] तु पैडा हो खाम से, मर आती कामुकता से तुमारी शक्ति कतम हो जातत,

[00:11:13] तु वो केते इसलिये वाईरी है, मैं आरी है,

[00:11:17] यम नियम का पालन हम करते जाएं जीवन में,

[00:11:22] जीवन को साथबिक बनाते जाएं, रजो गुन तमो गुन से,

[00:11:27] भदके सतुगुन के वोर हम कदम बडाते जाया,

[00:11:31] तेकना फिर कोई विकार हमें सताता है नेपेर,

[00:11:34] खान पीं खीख हो, विवावार खीख हो,

[00:11:37] तु हमें यह सब भासनाये सताती नहीं है,

[00:11:40] अवाम उसको एंकरेज करते जायेंगे,

[00:11:44] तु यह अदी काम उकता है,

[00:11:46] इसली इस से हमारी सारी क्रियेटिविटी कथमो जाते है,

[00:11:49] तु इस वो अगर प्रोनोगरफी का चित्र देकते जाते है,

[00:11:52] दिन रात वही गर्मी चडी रडी तिमाजी,

[00:11:55] तब ना कुछ सीक पाते हो, ना कुछ कर पाते हो,

[00:11:59] तिन रात यह की सुचता रडी,

[00:12:01] शरीर के किसी ना किसी आंगके बारे में कलपना करते रडी,

[00:12:04] तु यह अदी काम उकता है,

[00:12:07] इसली इस से हमारी सारी क्रियेटिविटी कथमो जाते है,

[00:12:12] तु इसको दूछमन माना गयान का दूछमन है,

[00:12:18] वगववद गीता में श्टिक्रिष्ने का,

[00:12:22] तीन है नरक के दूर,

[00:12:24] त्रीविदम नरक स्येदम दूरम नाशिनम आत्मन,

[00:12:28] आत्मा को विनाश करने के तीन गार,

[00:12:30] ख्रोथ, लोब और काम,

[00:12:32] इसली तीनो से बजकि चलो, बजकि चलो,

[00:12:35] बजकि चलो, बजकि चलो,

[00:12:38] कतिड है, मगर सादना के पत्मेजों

[00:12:41] आजातें उनके लिए कटिन है,

[00:12:44] जिन की दिल में बखति या प्रेम का लेहर उड़ चाता है,

[00:12:48] रूनके लिए कटिन नहीं है,

[00:12:51] जो इदना व्यस्त रहते है,

[00:12:53] कुछ नो कुछ क्रिये तिब काम कर ते रहते है,

[00:12:55] तो उनके लिए कटिन नहीं है,

[00:12:57] कालसी, प्रमाद आलस निद्रा,

[00:12:59] ये तीनो से जो पीरी ते,

[00:13:01] उनके लिए तो बच्छिन है,

[00:13:03] आश्रमे लोग रहते तो पेख्डाम उनको,

[00:13:06] काम में लगाके रहेते,

[00:13:08] सुबर साम काम करते,

[00:13:10] खाने पिने किलि तो समहे नहीं मिलता,

[00:13:25] ग्यान में दिन रहात,

[00:13:27] यक अबना जिम्मेडारी उठाने में लगे रहते है,

[00:13:30] उनको विकारे सताती नहीं।

[00:13:33] आश्रा है आपको ये अपस्टोट पसंडाया होगा,

[00:13:36] रेगिला अप्टेट प्राबत करने के लिए,

[00:13:44] आपको ये अपस्टोट पसंडाया होगा,

[00:13:46] रेगिला अप्टेट प्राबत करने के लिए,

[00:13:48] श्पोट अप्टाई पर आप लिविं गुरुदेद के साथ को फोलो करे,