माफ़ करो, प्यार दो, ख़ुश रहो। बस इतना ही है! । Maaf Karo, Pyaar Do, Khush Raho, Bas Itna Hi Hai!

माफ़ करो, प्यार दो, ख़ुश रहो। बस इतना ही है! । Maaf Karo, Pyaar Do, Khush Raho, Bas Itna Hi Hai!

प्रकृति ने जीवन को कितना सरल और सुंदर बनाया, पर हम अपनी अज्ञानता के कारण इसे जटिल बना देते हैं! हम कभी अपने विचारों में, तो कभी परिस्थितियों में, कभी लोगो के मंतव्यों में, तो कभी स्वयं की धारणाओं में ही उलझे रहते है। ये सब जीवन का अंग है। बस प्रसन्न रहो और प्रसन्नता बाँटों।Learn more about your ad choices. Visit podcastchoices.com/adchoices Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices
प्रकृति ने जीवन को कितना सरल और सुंदर बनाया, पर हम अपनी अज्ञानता के कारण इसे जटिल बना देते हैं! हम कभी अपने विचारों में, तो कभी परिस्थितियों में, कभी लोगो के मंतव्यों में, तो कभी स्वयं की धारणाओं में ही उलझे रहते है। ये सब जीवन का अंग है। बस प्रसन्न रहो और प्रसन्नता बाँटों।
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