चार सेवानिवृत्त जजों और भारत के एक पूर्व गृह सचिव ने साल 2020 में दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाके में हुए सांप्रदायिक दंगों पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक सोची-समझी रणनीति के तहत मुस्लिम विरोधी नैरेटिव को फैलाया गया जिससे हिंसा भड़क उठी। इसमें कहा गया कि नफरत भरे नैरेटिव और संदेशों के प्रचार में मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई।
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