वाल स्ट्रीट जर्नल की जिस रिपोर्ट ने हंगामा खड़ा कर दिया है उसमें बताया गया है कि फेसबुक इंडिया ने सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के नेताओं के भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ जानबूझकर एक्शन नहीं लिया. इसमें फेसबुक की भारत में टॉप पब्लिक पॉलिसी एग्जीक्यूटिव आंखी दास का भी खुलकर जिक्र किया गया है और बताया गया है कि कैसे उन्होंने खुद बीजेपी नेताओं को बचाने की कोशिश की.
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह राजनीतिक संबंधों का भारत में फेसबुक की नीतियां लागू करने पर प्रभाव होता है. फेसबुक पर उठे इस विवाद पर बात करने के लिए आज बिग स्टोरी में सुनिए वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता को जिनकी किताब 'द रियल फेस ऑफ़ फेसबुक इन इण्डिया', पिछले साल छपी थी.
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