महिलाओं के खिलाफ अपराध की ये चर्चा हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि महाराष्ट्र सरकार शक्ति कानून लाने की तैयारी में है. इस प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी भी मिल चुकी है. इसमें महिलाओं के प्रति अपराध के लिए सजा ए मौत जैसी कड़ी सजा का प्रावधान भी है. लेकिन महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसका विरोध किया है और कहा है कि शक्ति विधेयक महिलाओं के बारे में पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है, और इसे वर्तमान रूप में पारित नहीं किया जाना चाहिए। क्यूंकि नीतियों और कानूनों में सजा पर फोकस ना करते हुए अगर हम 'मानसिकता' पर फोकस करेंगे तो वो बेहतर होगा.
आज शक्ति बिल के लीगल पहलू को समझेंगे और साथ ही भारत में रेप जैसी गंभीर समस्या पर क्या सवाल पूछे जाने चाहिए, उस पर भी बात करेंगे.
रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज
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