तो बिहार की मशहूर लाइन 'एक बिहारी सब पृर भारी' आखिर किस पर फिट बैठती है? और इस चुनाव से क्या सीख मिलती है? विपक्ष को, चुनाव में शामिल तमाम राजनैतिक दलों को, और आगे नितीश 4.0 से क्या उमीदें लगाई जा सकती है? इन की-टेकअवेज और सबक के बारे में आज इस पॉडकास्ट में तफ्सील से बात करेंगे.
रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज
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