मार्च के महीने में लॉकडाउन लगते ही एग्जाम टल गए, इसके बाद उम्मीद थी कि अगले कुछ महीनों में बोर्ड एग्जाम कराए जाएंगे. लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच फैसला लिया गया कि जो एग्जाम हुए हैं उनके आधार पर ही बच्चों को पास कर दिया जाएगा. इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होकर 13 जुलाई को अनाउंस हुआ. रिजल्ट पिछले सालों के मुकाबले काफी अच्छा रहा और छात्रों को दिल खोलकर मार्क्स मिले. जिसका नतीजा ये है कि 90 % से ज़्यादा स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स में इस साल 65% बढ़ौतरी देखी गई है. लेकिन 90 फीसदी का आंकड़ा पार करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ने से अब डीयू जैसी यूनिवर्सिटीज में कटऑफ को लेकर अटकलें शुरू हो चुकी हैं.
तो इस साल अच्छे मार्क्स आने के बाद छात्रों को कॉलेज में एडमिशन के लिए बढ़ी हुई कट ऑफ से कैसे परेशानी हो सकती है उस पर इस पॉडकास्ट में बात करेंगे.
Learn more about your ad choices. Visit megaphone.fm/adchoices


